देश में घटती पक्षियों की आबादी: एक चेतावनी संकेत

भारत में पक्षियों की संख्या तेजी से घट रही है। आल्हना फाउंडेशन का “गौरैया बचाओ – प्रकृति सजाओ” अभियान पक्षियों के संरक्षण, बर्ड हाउस लगाने और पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत में पक्षियों की संख्या तेजी से घट रही है। State of India’s Birds 2023 रिपोर्ट के अनुसार — पिछले 30 वर्षों में 60% प्रजातियाँ घट चुकी हैं। और पिछले 7 वर्षों में 40% से अधिक प्रजातियाँ गिरावट पर हैं। विशेष रूप से गौरैया, बया, पपीहा, तोता, हुदहुद, और प्रवासी पक्षी अब कम दिखाई देने लगे हैं। ⸻ 🌿 घटने के प्रमुख कारण • शहरों में पेड़ों और घासभूमियों का नष्ट होना • मोबाइल टावरों की रेडिएशन और कीटनाशकों का प्रयोग • वेटलैंड्स (तालाब, झीलें) का सूखना या भरना • प्लास्टिक कचरा और प्रदूषण ⸻ 🌏 इसका असर पक्षियों की कमी से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ता है — वे कीट नियंत्रण, बीज फैलाव और पारिस्थितिक चक्र में अहम भूमिका निभाते हैं। अगर यही रफ्तार रही, तो आने वाली पीढ़ियाँ कई सामान्य पक्षियों को सिर्फ तस्वीरों में देख पाएंगी। ⸻ 💚 “आल्हना फाउंडेशन” की पहल आल्हना फाउंडेशन ने “गौरैया बचाओ – प्रकृति सजाओ” अभियान शुरू किया है। इस मुहिम के तहत — • बर्ड हाउस लगाना • स्थानीय जलस्रोतों का संरक्षण • और स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाना संस्था का उद्देश्य है — हर घर, हर पेड़ पर एक घोंसला। छोटा सा प्रयास, लेकिन बड़ा असर — ताकि हमारी धरती फिर से पक्षियों की चहचहाहट से गूंज उठे। ⸻ 💠 Aalhna Foundation – For Every Life That Breathes.

Dinesh Sheoran

5/8/20241 min read

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